दो घनिष्ठ मित्र थे. दोनों खेती का काम करते थे. खेती योग्य भूमि भी दोनों के पास लगभग एक समान थी. एक मित्र ने अपने काम में बहुत उन्नति की तथा बहुत धन अजिर्त किया. वह हमेशा खुश रहता था.
दूसरा मित्र अक्सर दुखी रहा करता था, क्योंकि उसका काम ठीक नहीं चल रहा था. धन की भी हानि हो रही थी. उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर क्या वजह है कि उसका काम ठीक नहीं चल रहा है, जबकि उसके मित्र का काम बहुत अच्छा चल रहा है.
एक दिन उसने अपने मित्र से उसकी सफलता का रहस्य पूछा. मित्र ने उत्तर दिया, ‘‘काम करवाते समय तुम अपने श्रमिकों से डांटते हुए कहते हो-जाओ खूब काम करो. इससे उन मजदूरों का मनोबल गिरता है. वे अपने संपूर्ण सामथ्र्य तथा मन से काम नहीं कर पाते.’’ दूसरे मित्र ने पूछा. ‘‘तुम क्या कह कर काम करवाते हो?’’ पहले मित्र ने जवाब दिया-
‘‘मैं अपने श्रमिकों से कहता हूं, आओ हम काम करें. उनका मनोबल बढ़ाते हुए हमेशा उनके साथ रहता हूं.’’ मित्र को सफलता का रहस्य ज्ञात हो गया था.
अगर आप अपने कर्मचारियों से काम लेना चाहते हैं, तो आपको दो बातो का खास ध्यान रखना चाहिए. पहला, बेहतर आउटपुट के लिए कर्मचारियो के हित का ख्याल रखें और उनका मनोबल बढ़ाएं और दूसरा, सहभागिता अपनाएं. कर्मचारियो के हित का ख्याल रखने से न सिर्फ उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि उनको काम में कभी बोरियत या एकरसता महसूस नहीं होती. इतना ही नहीं, परेशानी या मुसीबत आने पर वे आपसे बिना संकोच संपर्क भी करते हैं. कॉरपोरेट संस्कृति में खुल कर बातचीत करना और उपलब्धता बहुत जरूरी है.
एक लीडर के रूप में आपके पास कर्मचारियो को सुनने के लिए समय होना चाहिए. कभी-कभी किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत समस्याएं उसके काम पर असर डाल सकती हैं. एक अच्छे लीडर को संवेदनशील, मददगार और जागरूक होना चाहिए. अगर हाल ही में मां बनी महिला काम के घंटों में लचीलापन चाहती है या फिर एक कर्मचारी जो तलाक से जूझ रहा है, वह अपने लिए कुछ वक्त चाहता है, तो उसके प्रति संवेदनशील रुख अपनाइए. कर्मचारियो को यह एहसास दिलाइये कि आप हमेशा उनके साथ हैं. यह लंबे समय में आपके लिए उनकी वफादारी हासिल करने और उनसे बेहतर काम करवाने में मददगार साबित होगा. कार्यस्थल प्रबंधन विशेषज्ञ टोनी विल्सन अपनी किताब ‘जैक एंड द टीम कुडंट सी’ में लिखते हैं कि बॉस के साथ कर्मचारी का रिश्ता उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना पति-पत्नी के साथ का रिश्ता. वैश्विक शोध संगठन गैलप के सवक्षण के अनुसार बॉस अगर खराब है, तो कार्यस्थल पसंद होने के बावजूद कर्मचारी कंपनी में काम करना नहीं चाहते, वहीं कर्मचारियों के नौकरी में टिके रहने की मुख्य वजह बॉस का अच्छा होना है.
बात पते की
-बेहतर आउटपुट के लिए कर्मचारियो के हितो का ख्याल रखते हुए सहभागिता अपनाएं.
-आपके पास कर्मचारियो को सुनने के लिए समय होना चाहिए.
-कर्मचारियो को यह एहसास दिलायें कि आप हमेशा उनके साथ हैं
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